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एमएसएफ ने डीआर कांगो में इबोला से निपट रहे 20,000 अग्रिम पंक्ति कर्मियों के लिए एर्वेबो अध्ययन शुरू किया

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Courtroom-sketch editorial illustration of an Indian peacekeeper receiving an Ebola vaccination from a health worker at a field clinic in Pinga, North Kivu, in an archival 2019 scene that does not depict the September 2026 MSF study, rendered in warm ochre and slate-blue pastel strokes.

एमएसएफ और उसके महामारी विज्ञान केंद्र एपिसेंटर ने 19 सितंबर को बुनिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्र में BRAVO अध्ययन शुरू किया। परियोजना का लक्ष्य इतुरी और उत्तरी किवु में 20,000 स्वास्थ्य देखभाल एवं अग्रिम पंक्ति कर्मियों को शामिल करके यह जांचना है कि लाइसेंस प्राप्त एर्वेबो टीका मौजूदा प्रकोप का कारण बने बुंडिबुग्यो इबोला वायरस से सुरक्षा देता है या नहीं। एमएसएफ ने कहा कि अध्ययन 9 से 12 महीने चलेगा, जिसमें तीन महीने टीकाकरण और कम से कम छह महीने अनुवर्ती निगरानी होगी। भागीदारी स्वैच्छिक है और यह अनुसंधान संक्रमण-रोकथाम उपायों का स्थान लेने के बजाय उनका पूरक है।

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