ईरानी रासायनिक हथियारों के खतरे पर इजराइल ने अमेरिका और खाड़ी देशों को कथित तौर पर चेताया
प्रकाशित

3 नवंबर को प्रकाशित खबरों के अनुसार, इजराइल ने अमेरिकी और खाड़ी के कुछ देशों के अधिकारियों को कथित तौर पर चेतावनी दी कि ईरान अपने विरोधियों के खिलाफ रासायनिक हथियार इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा था। खबरों में इजराइली अधिकारियों द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी का वर्णन किया गया। साथ ही अमेरिकी अधिकारियों के बीच मतभेद और सबूतों तथा ईरान के इरादों को लेकर खाड़ी देशों के उनके समकक्षों के सवालों का भी उल्लेख था। इससे पहले के दो सप्ताह में हुई चर्चाओं में इजराइली अधिकारियों ने कथित तौर पर रासायनिक खतरे को ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं से अधिक तात्कालिक बताया। उनका आकलन था कि ईरान ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित कर रहा था जिससे मिसाइलों के जरिए रासायनिक हथियार पहुंचाना या उन्हें किसी दूसरे देश में तस्करी करके ले जाना संभव हो सकता है। खबरों में बताई गई चेतावनियां संभावित इस्तेमाल से संबंधित थीं, किसी पुष्ट रासायनिक हमले से नहीं। अमेरिकी हितों के खिलाफ ईरानी खतरों की व्यापक चेतावनियों के बीच कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इस खुफिया जानकारी को गंभीरता से लिया। अन्य को संदेह था कि इजराइल बड़े पैमाने पर लड़ाई फिर शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है। खाड़ी देशों के अधिकारियों ने कथित तौर पर सवाल उठाया कि क्या ईरान ने ऐसे हथियार इस्तेमाल करने की योजनाएं बनाई थीं। क्षेत्र के एक अधिकारी ने कहा कि समर्थन में सबूत साझा नहीं किए गए थे। इन अलग-अलग व्याख्याओं से यह साबित नहीं होता था कि हमले का आदेश दिया गया था या हमला आसन्न था। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने खबरों के जवाब में कहा, “इजराइल ईरानी आतंकवादी शासन से उत्पन्न हर खतरे पर बारीकी से नजर रखता है और उसका सामना करने के लिए तैयार है।” इजराइली सेना ने टिप्पणी करने से इनकार किया। ईरान पहले रासायनिक हथियार रखने से इनकार कर चुका है और उनसे जुड़े आरोपों को मनोवैज्ञानिक युद्ध बता चुका है।