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सरकार गठन पर पहले छोटे नेसेट गुटों से परामर्श करेंगे हर्ज़ोग

Courtroom-sketch editorial illustration of the Knesset building in Jerusalem beyond its perimeter fence, with shrubs, streetlights and overhead branches; archival institutional context from 2018, not a depiction of Herzog's planned November 2026 faction consultations, rendered in warm ochre and slate-blue pastel strokes.

राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग ने 2 नवंबर को घोषणा की कि इज़राइल की अगली सरकार कौन बनाए, इस पर परामर्श में वह पहले छोटे संसदीय गुटों की बात सुनेंगे। 26वीं नेसेट के लिए चुने गए गुटों के साथ बैठकें बुधवार, 4 नवंबर को स्थानीय समयानुसार 17:00 बजे राष्ट्रपति निवास पर शुरू होंगी। धार्मिक ज़ायनिज़्म-ज़ेहुत गुट का उनसे सबसे पहले मिलने का कार्यक्रम है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि गुटों की बात उनकी सीटों की संख्या के बढ़ते क्रम में सुनी जाएगी। उसने कहा कि इस बदलाव से हर्ज़ोग को बड़े दलों की बात सुनने से पहले सरकार गठन की संभावित व्यवस्थाओं पर विचार करने और “नई सोच को प्रोत्साहित करने” का अवसर मिलेगा। कार्यालय के अनुसार, हर्ज़ोग हर गुट का रुख जानना चाहते हैं और ऐसे विकल्प तलाशना चाहते हैं जिनसे सहमति और सरकार गठन हो सके। उसने आवश्यकता पड़ने पर परामर्श के एक और दौर की संभावना से इनकार नहीं किया। प्रकाशित कार्यक्रम में शास और यिसराइल बेइतेनु की बैठकें 4 नवंबर को बाद के समय में तय हैं। परामर्श 5 नवंबर को 08:30 बजे यूनाइटेड तोराह जूडाइज़्म के साथ फिर शुरू होंगे और उसी शाम 20:30 बजे लिकुड के साथ समाप्त होने का कार्यक्रम है। हर गुट के प्रतिनिधि उस नेसेट सदस्य की सिफ़ारिश करेंगे जिसे उनके विचार में सरकार बनाने का जनादेश मिलना चाहिए। किसी अतिरिक्त दौर समेत परामर्श पूरे होने के बाद हर्ज़ोग घोषणा करेंगे कि उन्होंने सरकार बनाने की ज़िम्मेदारी किसे सौंपी है। उनके कार्यालय ने कहा कि मूल क़ानून: सरकार के तहत नामित सदस्य को 28 दिन मिलते हैं और राष्ट्रपति अधिकतम 14 अतिरिक्त दिन दे सकते हैं। बैठकों का राष्ट्रपति के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर सीधा प्रसारण होगा और उसके बाद गुटों के नेता निवास के मीडिया केंद्र में बयान दे सकेंगे।

स्रोत

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