अल्बनीज़ ने संयुक्त राष्ट्र से कहा, उसके मिशन को केवल महाशक्तियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में कहा कि संयुक्त राष्ट्र का मिशन “केवल महाशक्तियों, सबसे बड़े देशों या यहाँ तक कि सिर्फ़ सबसे ऊँची आवाज़ों को नहीं सौंपा जा सकता”, और न ही इसे “दुनिया की सबसे अमीर कंपनियों को ठेके पर दिया जा सकता है या तकनीक की रफ़्तार से तय किया जा सकता है”। उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय व्यवस्था भारी दबाव में है और दुनिया को “बदलाव और सुधार को अपनाना” होगा। अल्बनीज़ ने इसी सप्ताह की शुरुआत में शुरू की गई ऑस्ट्रेलिया की उस दावेदारी को आगे बढ़ाया, जिसके तहत वह 2029 और 2030 के लिए सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट चाहता है, और छोटे व मध्यम आकार के देशों की आवाज़ को बुलंद करने का वादा किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के अस्तित्वगत ख़तरे से निपटने में प्रशांत क्षेत्र के साझेदारों का साथ देने की प्रतिबद्धता भी जताई।